दोस्तों को सुबह सलाम किया - by Vinod Kumar Verma "Dard"
दोस्तों को सुबह सलाम किया - दोस्तों को सुबह सलाम किया। रोज कुछ वक़्त रब के नाम किया। बात झूठी कभी नहीं कहता, माल बाजार एक दाम किया। मुफलिसी द...
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बदलते रिश्ते - बदला मौसम भीगा यह मन, सच्चे रिश्ते खोजे हर जन। बचपन बीता बदले सपने, दूर हुए सब साथी अपने। मिट्टी से सुगंध थी आती, स्नेह भरी ब...