जो फूल खिला गए शाखों पर - by Vijaylaxmi
जो फूल खिला गए शाखों पर - थे लाल बहादुर शास्त्री जी वो, जो फूल खिला गए शाखों पर। 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे वो भारत धरा पर स्वर्ग लाने को, देश ...
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जो फूल खिला गए शाखों पर - थे लाल बहादुर शास्त्री जी वो, जो फूल खिला गए शाखों पर। 2 अक्टूबर 1904 को जन्मे वो भारत धरा पर स्वर्ग लाने को, देश ...
दुनिया दीवानी हुई - वो गुलामी की बातें पुरानी हुई, अब तो दुनिया हमारी दीवानी हुई, देश सबसे अनोखा है ये विश्व में, हर ऋतु की यहाँ आग...
(1) मैं भारतीय हूँ - गर्व से कहता हूँ, मैं भारतीय हूँ। वेदों की धरती पर, वेदान्त अनुरागी हूँ। गर्व से कहता हूँ, मैं भारतीय हूँ। जीवन को, आलौ...
आजादी - भारत माँ के वीर सपूतों, धन्य तुम्हारी छाती है। प्राणों का बलिदान कर गए, याद तुम्हारी आती है।। जो आजादी आप दे गए, उसका मिलना मुश्किल ...
एक सलाम - एक सलाम उन्हें जो वतन पर जिए, एक सलाम उन्हें जो वतन पर मरे। हम जिए तो जिए क्या खाक जिए, हम मरे तो मरे क्या खाक मरे। एक सलाम..... क...
जय भारत माता - हमारी जान है भारतवर्ष, हमारा मान है भारतवर्ष। हमारी शान है भारतवर्ष, हमें अभिमान है भारतवर्ष। इस मिट्टी को हम माथे का तिलक ...
(1) मेरा भारत महान - सारे जहाँ से अच्छा, मेरा भारत महान। खुशनसीब हूँ मैं जो, इसकी हूँ सन्तान।। सारे जहाँ से अच्छा... कोशिश की फिरंगियों ने...
आत्मनिर्भर भारत - आत्मनिर्भर बनने के पथ पर, चला है भारतवर्ष महान, अब निश्चित महाशक्ति बनेगा, लिया विश्व ने भी संज्ञान । कुछ लोग मानते थे...
(1) प्रकृति वंदन - नित करें हम प्रकृति वंदन। प्रकृति से ही हम हैं सम्पन्न।। प्रकृति से करना नित स्नेह। प्रकृति संरक्षण ही हो ध्येय।। प्रकृति...
प्यारा वतन - दुनियाँ में सबसे प्यारा, प्यारा है ये वतन। दुनियाँ के हर चमन से, प्यारा है ये चमन।। महकाया है जिसको क़िरदार से, लालबहादुर, बापू ...
शहीद - सरहद पर जिसने जान गँवाई, एक बहन का वो प्यारा भाई। देश की सेवा जिसकी रग-रग में, ऐसा था देश का वीर सिपाही।। एक पिता के जन्मों की कमाई...
शीश झुकाऊँ - जिस आयु में यौवन लोगों का, श्रृंगार महल में सोता था। उस आयु में यौवन वीरों का, काँटो पर सोया होता था।। हाथ लिए पिस्तौल देश की,...
तिरंगे को दिल में बसाए रखना - जिस तिरंगे की हिफ़ाजत हमने की है, उस तिरंगे को दिल में बसाए रखना। देशवासियों अब हम तो सफर करते है, हिन्द को अब ...
जय जननी जय भारतमाता - जय जननी जय भारतमाता, खुद को समर्पित तुझमें पाऊँ।। सैनिक हूँ मैं भारतमाता तेरा, तुझमें माँ अपनी जान समाऊँ।। तन सौंपा है...
माँ! मैं भी फौज में जाऊँगा - इस देश ने है सब कुछ दिया, मैं इसके काम आऊँगा। एक नन्हा बालक कहता है, माँ! मैं भी फौज में जाऊँगा। अपने देश के हर...
सच्चा देशभक्त - मन में हो जिसके श्रद्धा-भाव तत्परता जिसमें देश सेवा की, वो सच्चा देशभक्त कहलाता जज़्बा है जिसमें राष्ट्र सेवा की। जरूरी नहीं...
आजादी की अमृत बेला - जिन वीरों की कुर्बानी से हमने आज़ादी पाई। श्रद्धापूर्वक नमन करें हम अमृत बेला है आई। लाल कई भारत माता के, हँसकर फाँसी प...
बलिदानी - हैं देश के सच्चे भक्त वही, जो धरती माँ के रखवाले हैं। जान अपनी कुर्बान कर देते, धरती माता के दुलारे हैं।। शीश उठा और सीना चौ...
वीर सावरकर - जब आँखों से आग बरसती हो, श्रृंगार नहीं लिख सकती हूँ। जब धरती माँ की आँख हो नम, मल्हार नहीं लिख सकती हूँ। लंदन से उनकी हुई वकालत...
राष्ट्र वन्दन - हे ! राष्ट्र भूमि , भारत तुम्हारा , शत्-शत् वंदन ।। स्वीकार करो हे ! माता हमारा हार्दिक अभिनन्दन ।। ॠषि-मुनियों की , यह तपो...