छठ महापर्व ( Chhath Puja ) - by Chandan Keshri ( चन्दन केशरी )
छठ महापर्व - पर्व तो हमारे सनातन धर्म में बहुत से हैं, लेकिन छठ पूजा तो हमारे लिए महापर्व है। आखिर ऐसी क्या विशेषता है छठ पूजा में, जिसके का...
Write Something New
छठ महापर्व - पर्व तो हमारे सनातन धर्म में बहुत से हैं, लेकिन छठ पूजा तो हमारे लिए महापर्व है। आखिर ऐसी क्या विशेषता है छठ पूजा में, जिसके का...
(1) मेरा भारत महान - सारे जहाँ से अच्छा, मेरा भारत महान। खुशनसीब हूँ मैं जो, इसकी हूँ सन्तान।। सारे जहाँ से अच्छा... कोशिश की फिरंगियों ने...
हृदय विशाल - विस्तारित यह नील गगन विशाल, लहराता यह नृत्यरत वारिनिधि विशाल, लालित्य प्रभामय यह दिनकर विशाल, अद्भुत रचना ब्रह्मा की यह ब्रह्मा...
शिरडी वाले साईं बाबा - मुसीबतों से हार जाए ऐसे इंसान ये नहीं, शिरडी वाले बाबा थे वह ऐसे हमारे साईं। कोई हिन्दू कहें कोई कहते थे मुसलमान, सबक...
सुख-दुख सारी मन की माया - यह सुख-दुःख सारी मन की माया, किस्मत का लेखा मिटे नहीं भाया। जो आया उसको एक दिन है जाना, क्यों करतें हो मानव ये हाय...
मंगल कर दे - नया वर्ष प्रभु मंगल कर दे। हर प्राणी का संकट हर दे।। जीवन परम सुहावन कर दे। सावन-सा मनभावन कर दे।। किरण सुबह झाँके आँगन। मन म...
अंतर्नाद - हे गिरिराज! हे गिरधारी! ये कैसी विपदा भारी है। अलख अगोचर ओझल अमित्र ने, किया प्रलय अति भारी है। न शस्त्र रचा, न अस्त्र सजा, बिगुल...
गुरु को प्रणाम - स्वागत स्वागत स्वागत स्वागत, स्वागत करने हम आए हैं, धन तो मेरे पास नहीं फूलों की माला लाए हैं। इसको गुरु स्वीकार करो आशीर्व...
हे श्री राम - रावण को मार, त्रिलोक को उद्धारा। हे श्री राम तीनों लोक में आपका जय जयकारा। राक्षसों को मार कर, आपने बुराई को मारा। रावण को सं...
गुरूदेव - सतगुरूदेव कैसे तेरा वर्णन लिखूँ। चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम लिखूँ। आप ही गुरूदेव मेरे जीवन दाता, उपकार का कैसे मैं आभार लिखूँ। रह...
श्री राम वन गमन - कैकई के हट काम ना आते, ना प्रभु राम वनवास ही जाते। भवसागर को पार तारने, ना तुलसी मानस रच पाते।। ऐसे दुर्लभ योग कभी जब, युग...
जय हो गणेश - हे प्रथम पूज्य , सब देवों में , मुनियों में , मनुजों में वरेण्य । नागों में , असुरों - यक्षों मे , सचराचर के , शु...
प्रेम की परिभाषा - ऐ देव मेरे आज जान ले तू भी, प्रेम करती हूँ सभी से यहाँ मैं भी, जान सके ना कोई यहाँ किसी को, पर मैं जानती हूँ यहाँ हर किसी...
भक्ति भक्ति करो तुम ईश की, दरस मिले जगदीश। मात पिता की भक्ति को, करो नवा कर शीश।। गंगा अरु गो मात को, पूज नवा कर माथ। प्रातः सायं सूर...
हे प्रभु नव सी नवशीलता सा एक भव्य उपहार दे हे प्रभु हे प्रभु एक सुंदर सा विचार दें शांति और सुख से हो निर्मित यह धरा उच्च कोटि सी मनसा और...
रामावतार त्रेता में जब बढ़ गया, पाप झूठ व्यभिचार । मनुज रूप धर ईश ने, लिया राम अवतार ।।1।। हुआ राम वनवास जब, था विधना का हाथ ...
तुम संग जुड़े नेह के तार लिखूँ और गुणगान करूँ तुम संग जुड़े नेह के तार हे प्राणदाता, हे सर्वेश्वर तुम ही मेरे जीवन आधार चाह नहीं सुख कि, ...
बाल इच्छा मैय्या मोरी मुझको भी एक बंसी ला दो ना चलो मेले या फिर यहीं मँगवा दो ना ताकि मैं भी जा बैठूँ यमुना जी के तीरे और मधुर स्वर में बजाऊ...
हनुमान लला हनुमान लला हो तुम मेरे सबके संकट मिटाने वाले । सबके कष्ट को काट देव सुख शान्ति बढ़ाने वाले ।। जिसने भी समर्पण किया उसे भवसिन्धु...
भक्ति की शक्ति जगत में नही कोई ऐसा काम जिसको कर ना सके इन्सान। मुरलीधर वह राधा का श्याम भक्त के बस में खुद भगवान।। मोर मुकुट श्याम शीष वि...