तुम संग जुड़े नेह के तार - by Devaram Bhamu
तुम संग जुड़े नेह के तार
लिखूँ और गुणगान करूँ
तुम संग जुड़े नेह के तार
हे प्राणदाता, हे सर्वेश्वर
तुम ही मेरे जीवन आधार
चाह नहीं सुख कि,
न ही धन दौलत की
हे भगवन इतनी दया करना
अब के जन्म कोई तुलसीदास बना देना
राम नाम रटूँ और गुण गाऊँ
तेरे कुंज की चिड़िया बन
बार-बार उडूँ और दर्शन पाऊँ
अबके जन्म बनू सीता वन जाऊँ
राम नाम का ले सहारा भव सागर तर जाऊँ
बन हनुमान राम काज में लीन हो जाऊँ
भूल नीज जीवन हो विलय तुझ में खो जाऊँ
बन फूल किसी क्यारी का
हाथ भक्त के लग जाऊँ
तेरे चरणों में अर्पित हो जाऊँ
इतनी दया करना करतार
तुम संग जुड़े नेह के तार। ।


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