Showing posts with label Sad. Show all posts
Showing posts with label Sad. Show all posts

सिला - by Dr. Shaheda

January 15, 2022 0

सिला - अश्कों से तर वरक़, लफ्ज़ भीगते रह गये, क़तरा क़तरा उसे लहू से,  सींचते रह गये। मुट्ठी से रेत सा फिसलता जहाँ चला गया, वक्त तेज़ी से गु...

बात - by Dr. Shaheda

January 15, 2022 0

बात - बात लगती है नशतर की तरह, जख्म देती हैं  ख़ंजर की तरह । ज़ुबां शीरीं अगर चे  होती है, सुनने वाले को सुकून देती है । ये अगर तल्ख़ और कड़...

परेशां जिंदगी - by Rama Bhati

December 28, 2021 0

परेशां जिंदगी - ऐ जिंदगी कर ले कितना भी परेशां तू कि टूट जाएँ हम अगर सोचती हो ऐसा  तो गलत सोचती हो तुम चाहे आ जाएँ जीवन मे तूफां ना डगमगायें...

दूरियाँ - by Dolly Sharma 'Brajbala'

December 06, 2021 0

दूरियाँ - कौन कहता है दूरियाँ, दूरी बढ़ाती है, हमसे पूछे जनाब ये हमें और करीब लाती है। मीलों दूर होकर पास होने का एहसास, अलग-अलग रह कर भी रह...

दर्द बिछोह का - by Ashima varshney 'Raj'

December 05, 2021 0

दर्द बिछोह का  - बह रही शीतल मंद बयार, प्रीत का छेड़ रही है तार। हृदय में शूल-सा चुभता है, भीतर कुछ टूट चटकता है। जब दर्द बिछोह का उठता है, ...

हसरतें - by Madhuri Chitranshi "Madhu"

December 05, 2021 0

  हसरतें - चाँद उतरा करे गोद में नीर के, हम खड़े ही खड़े बस निहारा करें। वो मचलता रहे ख़ुद बहलता रहे, हम पलकों पे आँसुओं को सँवारा करें। ज्वार ...

मजदूर - by Vrindavan Patel

July 04, 2021 0

मजदूर मैं मजदूर हूँ मैं मजदूर, अपने पेट पालने को हूँ मैं मजबूर। शिला तोड़ता, बंजर खोदता, राह बनाने में हूँ मैं मशगूल, मैं मजदूर हूँ मैं मजदूर...

गंगा की पीड़ा - by Anuradha Yadav

June 30, 2021 0

गंगा की पीड़ा यातनाएँ कब तलक चलती रहेंगी संग हमारे। चल कर नही पहुँचे ,लाए गए हैं गंगा किनारे। जीवन भर का सुख दुख मौत झाँक रही थी आँखों में...

जब टूटता है रिश्ता - by Ashima Varshney

June 19, 2021 0

जब टूटता है रिश्ता स्मृतियों की हवा जब चलती, राख आशाओं की ही मिलती। अंतस अंगीठी सा सुलगता, किसी से जब टूटता है रिश्ता। अनवरत अश्रुधार है बहत...

अच्छा नहीं किया - by Dr. Shaheda

June 13, 2021 0

अच्छा नहीं किया बेबात  ख़फ़ा हो गये तुम  अच्छा नहीं किया । मुँह मोड़कर चले गये तुम अच्छा नहीं किया ।। हर वक्त खेलते रहते थे मेरे जज़्बात से ...

सिर्फ यादें - by Kumar Anil

June 13, 2021 0

सिर्फ यादें --- जबसे मिला है तुम्हारा शोक संदेश, न थम रही आँखों में आँसुओं का रेस। पर्यावरण के रक्षक तुम पौधों के रखवाले, तुम यादें और सिर्फ...

Powered by Blogger.