मंगल कर दे - by Prem Kumar Tripathi 'Prem'
मंगल कर दे
-
नया वर्ष प्रभु मंगल कर दे।
हर प्राणी का संकट हर दे।।
जीवन परम सुहावन कर दे।
सावन-सा मनभावन कर दे।।
किरण सुबह झाँके आँगन।
मन मयूर बन नाचे आँगन।।
घर-घर होवे नित दीवाली।
चारों तरफ रहे खुशहाली।।
प्रेमपूर्ण यह जीवन कर दे।
दिव्यभाव मस्तक में भर दे।।
कोई दुःखी नहीं हो जग में।
बाधाएँ न आएँ मग में।।
नया वर्ष प्रभु मंगल कर दे।
हर प्राणी का संकट हर दे।।
शिक्षाज्योति जले जन-जन।
मिल गाएँ सब जन गण मन।।
निर्बल को शुभचिंतक दे।
ताकतवर को पथ नैतिक दे।।
बहन-बेटियाँ रहें सुरक्षित।
दानवता हो जाए भक्षित।।
दया और करुणा तू कर दे।
मानव में मानवता भर दे।।
नया वर्ष प्रभु मंगल कर दे।
हर प्राणी का संकट हर दे।।
- प्रेम कुमार त्रिपाठी 'प्रेम'
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
No comments