शिक्षक दिवस और प्रश्न ( लघुकथा ) - by Chandan Keshri ( चन्दन केशरी )

July 06, 2023 0

शिक्षक दिवस और प्रश्न -      शिक्षक दिवस आने में अभी एक सप्ताह का समय शेष था, लेकिन बच्चों ने इसकी तैयारियाँ आरंभ कर दी थी। विद्यालय से घर आ...

मत मारो मुझपर कुल्हाड़ी (कविता) - by Chandan Keshri (चन्दन केशरी)

June 03, 2023 0

मत मारो मुझपर कुल्हाड़ी - बेजुबान वृक्ष पर भी, स्वार्थ की उठी कुल्हाड़ी, पेड़ भी तब बोल पड़ा, सुनो बात सब नर-नारी। मुझसे ही है जीवन तेरा, मुझसे ...

धरती माता की चित्कार (कविता) - by Chandan Keshri (चन्दन केशरी)

June 02, 2023 2

धरती माता की चित्कार - धरती माता की संतानों, धरती माता रही पुकार। सहन नहीं कर पाओगे तुम, धरती माता की चित्कार।। पेड़ों को यूँ काटा तुमने, अपन...

रहमत - by Sandhya Tiwari

March 07, 2022 0

रहमत - प्रभु मुझको कहाँ है भेजा, अचरज भरा संसार है तेरा। गर्भ में पहले बंद रखा, आज़ाद कर दुनिया में भेजा। नन्हा, अनभिज्ञ मैं प्राणी हूँ, त...

प्रेम का बंधन - by Jaya Arya

February 27, 2022 0

प्रेम का बंधन - बिन देखे बिन छुए भी महसूस किया था तुमने मुझे, क्या यही प्रेम का बंधन है या फिर स्पर्श और आलिंगन। छूकर देखूँ तुम्हें बार-बार ...

मन की आस - by Smirti Thakur

February 24, 2022 0

मन की आस - ढलता जीवन, देखो कैसी  आस लगाए, अपनों से, बिन माली के,बगिया कैसी नीर बहाए, नयनों से । क्या खोया है और क्या पाया जीवन आनी-जानी माया...

जाँनिसार बाक़ी है - by Kapil Kumar

February 19, 2022 0

जाँनिसार बाक़ी है - ये   दिले   बेक़रार    बाक़ी  है। जिंदगी  का   ख़ुमार  बाक़ी है। जुस्तजू   कैसी,   आईना  कैसा, अब भी दीदार-ए-यार बाक़ी है। मैन...

आजादी - by Moorat Singh Yadav

February 19, 2022 0

आजादी - भारत माँ के वीर सपूतों, धन्य तुम्हारी छाती है। प्राणों का बलिदान कर गए, याद तुम्हारी आती है।। जो आजादी आप दे गए, उसका मिलना मुश्किल ...

बदलता है वर्तमान - by Saraswati Mallick

February 19, 2022 0

बदलता है वर्तमान - किया नहीं जा सकता  किसी का मूल्यांकन  उसके वर्तमान से,  प्राप्त नहीं हो सकता सत्य  केवल अनुमान से।  परिवर्तन है नियम  प्र...

एक सलाम - by Sonu Saini

February 15, 2022 0

एक सलाम - एक सलाम उन्हें जो वतन पर जिए, एक सलाम उन्हें जो वतन पर मरे। हम जिए तो जिए क्या खाक जिए, हम मरे तो मरे क्या खाक मरे। एक सलाम..... क...

बदलते रिश्ते - by Babita Mandhana

February 15, 2022 0

बदलते रिश्ते - बदला मौसम भीगा यह मन, सच्चे रिश्ते खोजे हर जन। बचपन बीता बदले सपने, दूर हुए सब साथी अपने। मिट्टी से सुगंध थी आती, स्नेह भरी ब...

प्रभात - by Putul Mishra

February 15, 2022 0

प्रभात - पूर्वांचल, सौम्य, शान्त अनुरंजित उदयाचल रवि रहित ज्योत्सना ज्योतित पृथ्वी हो रही है प्रस्तुत धीरे-धीरे दिनकर के स्वागत हेतु प्रथम प...

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