वर्षा का है मौसम आया - by Dr. Rajesh Kumar
वर्षा का है मौसम आया
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
मोर नाचती शोर मचा कर
अपने सर को ऊपर उठाकर
वह वर्षा जल में नहा रही है
अपनी तपन बुझा रही है
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
बच्चे भी अब खुश दिखते हैं
ना रहे हैं शोर मचाकर
वर्षा के जल में वह जाकर
अपनी खुजली मिटा रहे हैं
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
कोयल भी अब बोल रही है
सबके मन को मोह रही है
जिधर भी देखो हरियाली है
मानो अंबर की लाली है
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
मेंढक छोड़ अपना अभिमान
मानो करने आए प्यार
टर टर वो बोल रहे हैं
मानो सबको बता रहे हैं
वर्षा को जता रहे हैं
बच्चे खुशियां मना रहे हैं
सबको गले मिला रहे हैं
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
बादल देखो काले काले
सबके मन को डरा रहे हैं
मानो वह बता रहे हैं
वर्षा का मौसम है आया
हरियाली को साथ लाया
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
बिजली अब चमक रही है
सबके मन को डरा रही है
मानो वो यह बता रही है
वर्षा होगी अपरंपार
दीन हीन का होगा नास
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
किसानों अब तुम जल्दी कर लो
अपने खेतों को हरियाली से भर लो
अपनी गरीबी दूर हटाओ
मुझको तुम गले लगाओ
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
कभी यहां है कभी वहां है
एक जगह ना ठहरे यार
सारे पौधे खिले हुए हैं
जामुन भी अब पके हुए हैं
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।
सारे पौधे फूल रहे हैं
मानो करते हमें इशारे
सब को वह तो लुभा रहे हैं
भंवरों को वह जता रहे हैं
कर लो अब तुम मुझसे प्यार
वर्षा का है मौसम आया
देखो सबके मन को भाया।


No comments