आओ नई राह बनाएँ हम - by Dr. Mithilesh Kumar Srivastava 'Shikhar'
आओ नई राह बनाएँ हम
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छोड़ें हम पुरानी बातों को,
नई-नई सोच अपनाएँ हम।
करना कुछ देश की खातिर,
आओ नई राह बनाएँ हम।
आओ नई राह बनाएँ हम।।
आगे तो बढ़ना ही होगा,
कुछ नया कर जाएँ हम।
नई जोश हो, हो नई तमन्ना,
हौसला से भर जाएँ हम।
आओ नई राह बनाएँ हम।।
नए प्रगति की नई परिभाषा,
ताल से ताल मिलाएँ हम।
दुनिया में लहरे मेरा तिरंगा,
विश्व फतेह कर जाएँ हम।
आओ नई राह बनाएँ हम।।
कदम-कदम पूरा हो सपना,
नई-नई पहचान बनाएँ हम।
मानव-मानव में भाई-चारा,
ऐसा हिंदुस्तान बनाएँ हम।
आओ नई राह बनाएँ हम।।
- डॉ० मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव 'शिखर'
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
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