आखिर क्यों करते हो दिखावा? - by Pinki Khandelwal ( Motivational, Motivational Poem, Motivational Quotes, Woman Empowerment )


मेरी भावनाओं की कद्र है तुम्हें,

नहीं बस वाह-वाही लूटनी है तुम्हें,

तभी तो प्रचार करते हो,

और घर पर करते हो अत्याचार,

और समाज को बताते हो,

कि करना चाहिए हमको,

हर नारी का सम्मान,

अरे धिक्कार है मुझे,

ऐसे समाज पर,

और ऐसे झूठे वादे करने वालो पर,

तुम तो हर नारी को,

अपना गुलाम समझते हो,

फिर आज,

कोई नयी वाह वाही लूटनी है,

जो हमें इतना सम्मान दे रहे हो,

मुझे हैरानी होती है,

कि समाज क्यो करते हैं ये प्रचार,

क्यो कहते हैं,

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,

जब नारी पर होने वाले,

अत्याचार से उनकी रक्षा न कर सके,

फिर क्यो करते हैं ये झूठे वादे,

कि हर नारी सुरक्षित है,

कहां है नारी सुरक्षित,

तुम कभी उसे जन्म देने से,

पहले ही मार देते हो,

तो कभी दहेज के लिए,

जिंदा जला देते हो,

तो बोझ समझ,

बाल विवाह करा देते हो,

आखिर क्यों,

और किसलिए करते हो ये दिखावा।


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