सत्ता के नशे मे चूर हो - Priyanka Pandey Tripathi
सत्ता के नशे मे चूर हो,
क्यो तुम इतने मगरूर हो।
चार दिन की चांदनी है,
समझो अब सत्ता से दूर हो।
हाथ जोड़ कर वोट मांगते हो,
कसमे वादे हजार खाते हो।
कुर्सी पर बैठते ही,
जनता को भूल जाते हो।
सत्ता पाते ही सच को दबाते हो,
अत्याचार भ्रष्टाचार आतंक मचाते हो।
जनता की आवाज दबाते हो,
भारत के संविधान का उल्लघंन करते हो।
कुर्सी के लिए जोड़-तोड़ लगाते हो,
दुश्मन से भी हाथ मिलाते हो।
कागज पर फर्जी काम दिखाते हो,
जनता को आंख दिखाते हो।
सत्ता मिलते ही ऐश करते हो,
स्वयं चैन से सोते हो।
जनता की नींद हराम करते हो,
खुद को राजा जनता को रकं समझते हो।
सावधान हो जाओ,
जनता जाग गई है।
तुम्हारी मनमानी नही चलेगी,
यहां लोकतंत्र है! लोकतंत्र की चलेगी।
जय हिन्द वन्देमातरम!!
Writer:- Priyanka Pandey Tripathi
Prayagraj, U.P.

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