जय विश्वकर्मा - by Abhilasha "Abha" ( Bhakti, Devotional, Vishwakarma Puja )
वह हैं सृष्टि के रचयिता,
शिल्प जिनके हाथों में,
वह है महान विज्ञान के ज्ञाता,
प्रेम जिनके मन में।
सत्रह सितंबर को हम सब,
उनका दिवस मनाते हैं,
हर हाथ में हुनर हो कोई,
ये ही प्रार्थना करते हैं।
सबको सीखना चाहिए कोई काम,
नहीं करो तुम बैठ कर आराम,
हुनर जब कोई सीख जाओगे,
सारे जग में पूजे जाओगे।
विश्वकर्मा जी का ध्यान करोगे,
पढ़ाई के साथ कोई हुनर भी सीखोगे,
कल पूरजों का अगर होगा ज्ञान,
सब देंगे तुमको खूब सम्मान।
सकल सृष्टि के कर्ता,
रक्षक तुम, श्रुति धर्मा,
महान शिल्पकार तुम,
जय विश्वकर्मा, जय विश्वकर्मा।
Writer:- Abhilasha "Abha"
From:- Patna, Bihar

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