हिन्दी का प्रचार प्रसार कैसे करें? - by Vijay Kumar Tiwari "Vishu"


मेंडारिन के बाद दूसरी, बोली जाने वाली भाषा है ,

फिर  भी अंग्रेजी अव्वल  औ शक्तिशाली भाषा है ।।


१४ सितम्बर सन् उनन्चास में संविधान ने अपनाया, 

पुलकित,हर्षित हिन्दी को सबने राजभाषा बनवाया।। 


बारह से पन्द्रह फीसद ही लोग समझते अंग्रेजी, 

उससे भी कम भारतवासी बोल हैं पाते  अंग्रेजी।। 


फिर भी अंग्रेजी हंसती है, हिन्दी कयूँ  रोती रहती है, 

पूछ  रही  है  हिन्दी हमसे,उपेक्षा मेरी कयूँ  होती है।। 


सत्तर सालों से सिंसक रही हूँ, अंग्रेजी गलियारों में, 

दबकर कराहती ही रहती हूँ, सत्ता के अधिकारों में।। 


कोठारी आयोग की बातें, ठंढे बस्ते में डाल दिया, 

त्रभाषा का सूत्र नकारा, हिन्दी का अपमान किया।। 


अगर बचाना है इसको, तो हिन्दी का सम्मान करो, 

सख्ती से लागू कर इसको, त्रिभाषा का मान करो।। 


एक  राज्य  दुसरे  राज्य  की   भाषा   का   सम्मान  करे, 

पुष्पित,पल्लवित करें हिन्दी,आओ मिलकर आह्वान करे़।।


पचास-दशक पहले वाली शब्दावली आयोग का गठन करें, 

कठिन शब्द का त्याग करो और सरल शब्द निर्माण करें।। 


क्षेत्रीय भाषा के प्रचलित शब्दों को भी हम अपनाएं, 

अनिवार्य करें हिन्दी पाठन, गर्व से हिन्दी अपनाएं।। 


लिखने पढ़ने के साथ साथ तकनीकी दक्ष बनना होगा, 

संसद से सड़कों तक हिन्दी में कार्य सभी करना होगा।। 


इंटरनेट  पर  भी   हिन्दी  की  सामग्री  भरनी  होगी, 

गर सशक्त हिन्दी करनी तो तीव्र कार्य करनी होगी।। 


न्यायालय का कार्य भी हमको हिन्दी में करना होगा, 

सुप्रीम कोर्ट से सत्ता तक अब पहल यही करना होगा।। 


गृहमंत्रालय   से इतर   एक हिन्दी  आयोग बनाओ जी, 

अनुसंधान करो हिन्दी पर, इसको सशक्त बनवाओ जी।।




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