मेरी तो जान हो तुम - by Abhilasha "Abha"
मेरी तो जान हो तुम,
दादा दादी के आंँखों के तारे हो तुम,
नाना नानी के दिल के अरमान हो तुम,
सबके बहुत प्यारे हो तुम।
पापा तुमसे प्यार जताएंँ,
चाचा तुमको गोद में खेलाएंँ,
मामा के तुम प्राण हो,
मामी के नज़रों की शान हो।
बहना के तुम बड़े भाई,
करते दोनों खूब लड़ाई,
प्यार भी दोनों में खूब है,
लड़ने के बहाने भी खूब हैं।
पापा के अरमानों को तुम,
पंख लगा देना,
मम्मी के सपनों को तुम,
कुछ बन कर सजा देना।
Harshvardhan
नज़रों से तुम अभी हो दूर,
रहोगे मेरे दिल के करीब जरूर,
मेरी इच्छाओं की गलियों से,
अच्छा इंसा बनकर गुजरना।
भूलना नहीं उन सभी लोगों को,
जिनके जीने की वजह हो तुम,
अपनी अच्छाइयों से हर दिल में,
प्यार का दीपक जला देना।
अरमान बहुत पाले हैं दिल में,
मम्मी पापा के सपनों को,
उनके हर अरमानों को,
तुम ऊंँचा उठ कर सजा देना।
Writer:- Abhilasha "Abha"
From:- Patna, Bihar


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