महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई - by Pushpa Mishra
महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई
शौर्य और पराक्रम की
मिसाल थी तुम महारानी
बचपन से रही प्रखर तुम
निर्भिक,साहसी,स्वाभिमानी
लक्ष्मी थी, तुम दुर्गा थी
थी तुम वीरता की अवतार
खेल खेल में सीखी थी तुम
बरछी, तलवार और कटार
सैन्य घेरना, व्यूह तोड़ना
दुश्मनों पर करना प्रहार
देख मराठे पुलकित थे होते
तुम्हारे तलवार की धार
माता-पिता की मणिकर्णिका
तात्या की थी शिष्या तुम
गंगाधर के आंगन की वीरांगना
भारत माँ की बेटी तुम
आन, बान और शान की
मिसाल थी तुम महारानी
आजादी है अनमोल रतन
देशप्रेम से भरा था मन
रणक्षेत्र में उतर तुम
फिरंगी को भगाने की ठानी
शौर्य और पराक्रम की
मिसाल थी तुम महारानी
भारत की साहसी बेटी हो तुम
आज की बेटियों के समक्ष
हो सशक्त मिसाल
बेटी भी है कर्णधार समाज की
लेकर हाथों में मसाल
आज तुम्हारे पुण्यतिथि पर
चढ़ा रही हूँ शब्द सुमन
करबद्ध किये , शीश झुकाये
हे! वीरांगना तुमको नमन



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