चिकित्सक होता है भगवान - by Nand Kumar
चिकित्सक होता है भगवान
रोगी के जीवन में चिकित्सक,
होता है उसका भगवान।
कर इलाज कर स्वस्थ पुनः,
करता है रोगी का कल्याण।।
सेवा त्याग सहानुभूति अरु,
अपनापन इनके आभूषण।
इन्हे त्याग कर आज स्वार्थ में,
कुछ करते रोगी का शोषण।।
रोगी की पीङा को समझे,
बिना ही भार बढाते जाते।
रोगी होता स्वस्थ किन्तु,
खाने के लाले पड़ जाते।।
पैसा पैसा पैसा करते रहते,
पैसा ही है ना सब कुछ।
प्यार दुआओं से बढ़कर के,
पैसे का महत्व ना कुछ।।
रोगी का धन हरण करूं,
ऐसे विचार का त्याग करो।
आवश्यक हो जितना उतना,
ही उन पर तुम बोझ धरो।।
निष्ठा लगन और सेवा से,
अपना कार्य करोगे जब।
सच कहता ईश्वर से ज्यादा,
पूजे जाओगे तुम तब।।


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