एक पहल - by Dr. Ramesh Chand Sharma


एक पहल


मेरा किसी प्रतियोगिता में प्रथम आना ज़रूरी नहीं

सभी को पीछे छोड़ जाना, यह भी कोई ज़रूरी नहीं 

ज़रूरी तो है मेरा उस प्रतियोगिता में शामिल होना 

इससे भी ज़रूरी है बारंबार गिरकर फिर खड़ा होना 

जीवन तो एक संघर्ष है, मुश्किलों की इसमें भरमार 

ज़रूरी है खुद पर यकीन रखना, न माने कभी हार 

दूसरों को मत देखो, अपने अंदाज़ में जियो जिंदगी 

सफलता के सोपान पर, सभी करेंगे आपकी बंदगी 

निश्चिंत होकर सर्वदा, कदम उठाओ विकासोन्मुखी 

कुछ इसलिए भी दुःखी है कि पड़ोसी है क्यों सुखी 

कर्म करें निष्काम भाव से, जीवन पथ पर बढ़े हम 

परिस्थिति जैसी भी हो, जिजीविषा होने न दे कम 

यह मत सोचे कभी हम कि सपना पूरा नहीं होता 

हिम्मत वालों का इरादा तो,कभी अधूरा नहीं होता 

दृढ़  निश्चयी बने हम, लक्ष्य पर अपने अडिग रहे

संकटों एवं बाधाओं को, हरपल मुस्कुराते हुए सहे 

निःसंदेह सफ़लता स्वयं, आपके घर द्वार आएगी 

न केवल परिचित, बल्कि दुनिया भी गुण गाएगी

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