मेरा गाँव - by Samunder Singh Panwar
मेरा गाँव
मेरा गाँव है पावन धाम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।
पेड़ - पौधों से घिरा हुआ है ,
धन - धान्य से भरा हुआ है ,
सुख - सुविधा यहाँ तमाम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।
कुछ कच्चे कुछ पक्के मकान ,
बसते हैं यहाँ सादे इंसान ,
सुख - दुख में सब आते काम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।
साफ - सुथरी चौड़ी गलियाँ ,
मिलती हैं ऐसी थोड़ी गलियाँ ,
साफ - सफाई का पूरा इंतजाम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।
कलाकारों का जन्म दाता है ,
सबके दिल को ये भाता है ,
दुनिया में है इसका नाम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।
समुन्द्र सिंह को लगे ये प्यारा ,
यहीं पर देना जन्म दोबारा ,
इतनी कृपा करना राम ।
बार - बार में करूँ प्रणाम ।।


No comments