आजादी - by Suresh Sachan Patel


आजादी

-

आज़ादी है एक शब्द सुहाना।

मिल कर  गाओ खूब  तराना।

इसे खून  से  सीचा  वीरों  ने।

जख़्म  दिये  अंग्रेजी  तीरों ने।


शहीदों  का सुख चैन  छिना था।

बस आजादी का जाम पिया था।

मुश्किल  बड़ा संग्राम  छिड़ा था।

आजादी लेने की ठान लिया था।


शोर था  बस खूब इन्कलाब का।

जोश था आजादी के शबाब का।

गूॅ॑ज  रहा था बस  एक ही  नारा।

अब हो आजाद बस देश हमारा।


अंग्रेजों  का  अत्याचार  बहुत था।

शहीदों को देश से प्यार बहुत था।

देश के खातिर जूझ रहे थे।

फाँसी का फंदा चूम रहे थे।


सम्मान करो इस आज़ादी का।

देश  के वीरों  की कुर्बानी का।

नमन  हमारा  वीर शहीदों  तुमको।

जो खो गए देकर आजादी हमको।


No comments

Powered by Blogger.