हमारा प्यारा भारत देश - by Girish Chandra Ojha


हमारा प्यारा भारत देश

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कमल - पद सिन्धु पखारे नित्य ।

परम - पावन है , जिसका कृत्य ।

भवानी शंकर का  ,   अधिवास ।

मान सर है , शोभित     कैलाश ।

वन्दना  करते  हैं ,   कर   जोर  ।

विधाता - हरि - हर  , देव गणेश।

हमारा    प्यारा    भारत    देश ।।


जहां  अविरल ,  गंगा   की  धार।

शमन करती ,  जगती  का भार ।

पाप हो जाते ,  जल - जल छार।

बहे  मलयानिल , सुघर   बयार ।

अवनि से अम्बर, तक का छोर ।

विलसता - हंसता, सकल प्रदेश।

हमारा    प्यारा    भारत   देश ।।


असुर गण की , छाया  से  दूर ।

अंब   की  माया  से, भर - पूरे ।

अम्बिका  का , सुन्दर  संसार  ।

नमित हो जाए, सत - सत मार।

करो अब यहां, न अपनी  दृष्टि ।

हमारे  रक्षक ,    हैं   अवधेश  ।

हमारा    प्यारा    भारत   देश ।।


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