मेरे देश की शान रहे - by Rekha Chamoli


मेरे देश की शान रहे


युगों-युगों तक मेरे देश की

आन, बान और शान रहे

रहे हमेशा तिरंगा ऊँचा

अटल हरदम विश्वास रहे।

कमी न इसके सम्मान में आए

इस पर न आये कोई आंच

खड़ा हिमालय दूर-दूर तक

इसका हरदम पहरेदार रहे।

युगों-युगों......

गंगा-यमुना की निर्मल धारा

नित इसके पाँव पखारे

भाईचारा,विश्वबन्धुत्व सब इसमें समाए

नहीं कोई अपना-पराया

नहीं कोई अन्याय रहे

सुख-समृद्धि, उन्नति के रथ पर

अपना हिन्दुस्तान रहे।

युगों-युगों......

जब तक जिएँ, माँ भारती के

चरणों में स्थान रहे

प्राणों की आहुति देकर भी

इसकी स्वाभिमान और सम्मान रहे

विजय गाथा मेरे देश की 

सदियों तक आबाद रहे

युगों-युगों तक मेरे देश की

आन-बान और शान रहे।


- रेखा चमोली

श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड

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