हमारा संविधान - by Naresh Kumar 'Nirala'
हमारा संविधान
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हम भारत के नागरिक हैं
तिरंगा हमारी शान है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
हजारों बलिदानों के बाद
हमने आजादी पाई है,
गणतंत्र के मजबूती को ले
संविधान बनाई है।
प्रस्तावना में बसती आत्मा
अनुच्छेद में बसते प्राण है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
संविधान से प्रभुत्व संपन्न
और धर्म कर्म संसार मिला,
सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक
न्याय का अधिकार मिला।
गणतंत्र के खुबसूरती का यह
प्यारा हिन्दुस्तान है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
एक उद्देशिका, 395 आर्टिकल और
आठ अनुसूचियाँ इसमें समाया है,
बाबा साहब, राजेन्द्र जैसे अनेकों
विद्वानों ने इसे शब्दों से सजाया है।
कर्म-ग्रन्थ है यह महापुरुषों की
जन-जन को इस पर स्वाभिमान है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
संविधान देता है सबको हक जीने का
चैन से साँसे लेने का,
फिर क्यों चारों ओर हाहाकार मचा है
सत्ता के रस पीने का?
गाँधी के अहिंसा नीति से
देश हमारा महान है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
मौलिक अधिकार मिले हैं
न्याय के औजार मिले हैं,
दलित, शोषितों व वंचितों को
समानता के अधिकार मिले हैं।
देश के हर नागरिकों की
आन - बान - शान है,
लोकतंत्र की रक्षा हेतु
बना विशाल संविधान है।
- नरेश कुमार 'निराला'
सुपौल, बिहार


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