बंदगी - by Arun Gijre
बंदगी
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जो कुछ मिला है हमें जिंदगी मेम
भूलें गमों को रहें हम खुशी में।
औरों मे भी ये रहें बाँटते हम
हमेशा रहें उसी की बंदगी में।
यहाँ जो भी है ये हमारा नहीं है
भरोसा रखें हम हमेशा इसी में।
आज है हमारा कल है किसी का
मिल जाएगा सब उसका उसी में।
सदा खुश रहें खुश रखें सभी को
हममें हैं सब और हम हैं सभी मे।
नफरत नही, दिल में हो मुहब्बत
डूबे रहें हम तो इसी आशिकी में।
अपना रखें ध्यान, रखें सभी का
जिए ना कोई भी यहाँ बेबसी मे।
गाते रहें और मुस्कुराते रहें सब
खुदा ही दिखेगा सबकी हँसी मेंं।
- अरुण गिजरे
ग्वालियर, मध्य प्रदेश
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