हमारा यकीं - by Anil Kumar 'Nilay'
हमारा यकीं
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गुमान तूफान को है कि कश्ती डुबो देगा,
हमारा यकीं ही हमको साहिल पे ला देगा।
ये जो बारिश और बेहद तेज बवंडर है न,
देख लेना यही चराग की रौशनी बढ़ा देगा।
नाजुक हालात हैं ये जो हर शहर-गाँव में,
ये हर इंसान को एक नया पाठ पढ़ा देगा।
पूजा से भी पवित्र हैं सहयोग वाले हाथ,
ये बुरा दौर ये अच्छा इल्म सिखा देगा।
धुंध बिखरी हुई है आज भरी दोपहर में,
इस हाल में भी आईना तस्वीर दिखा देगा।
कोसा जा रहा है जिस खराब मौसम को,
यही तो फसलों को मजबूत बना देगा।
लाल तप्त लोहे से ये सीख मिलती है,
विपरीत हालात सब मुमकिन बना देगा।
है ये जो खौफज़दा बेहिसाब पतझड़,
यही जल्द नई खुशिओं का पता देगा।
तपने से कभी पीछे नहीं हटना "निलय",
यही हुनर सोने को आभूषण बना देगा।
- अनिल कुमार 'निलय'
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
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