नारी शक्ति अवतारी है - by Minesh Chauhan "Meen"
नारी शक्ति अवतारी है
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नारी से ये संसार बना,
नारी से सृष्टि सारी है।
मत समझ ये अबला है कोई,
ये स्वयं शक्ति अवतारी है।
नारी से ये संसार बना…
वात्सल्य में माता जसुदा हुई,
प्रतिशोध पे आई तो द्रौपदी।
अनुसूया बन शिशु किए देव,
सावित्री बन मृत्यु जीती।
अपनी पर आ जाए तो स्त्री,
कालदेव पर भारी है।
मत समझ ये अबला है कोई,
ये स्वयं शक्ति अवतारी है।
जब पड़ी प्रेम में तो राधा,
बन कर सर्वस्व लुटा डाला।
वो मीरा प्रेम में यूँ डूबी,
पी गई हलाहल का प्याला।
प्रेम में सेज़ पुष्प की क्रोध में,
दो धारी ये कटारी है।
मत समझ ये अबला है कोई,
ये स्वयं शक्ति अवतारी है।
नारी से ये संसार बना,
नारी से सृष्टि सारी है।
मत समझ ये अबला है कोई,
ये स्वयं शक्ति अवतारी है।
- मीनेश चौहान "मीन"
फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश
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