कठिन पथ - by Vijay Purohit
कठिन पथ
-
जीवन के पथ पर आगे बढ़ो,
हर एक संघर्ष स्वीकार करो।
हौंसला रखो बुलन्द पथ राही,
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
खूब मिलेंगे शूल-काँटे राह में,
कंकर-पत्थर और पर्वत भी।
घबराना ना तनिक मुश्किल से,
हर एक मुश्किल को पार करो।।
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
बोझ बहुत ही सपनों का होगा,
पूरा भी तुम्हें सब करना होगा।
रूकने का नाम मत लेना राही,
न किसी का यहाँ ऐतबार करो।।
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
सब मेहनत के ही फूल खिलेंगे,
आँखो में आँसू मत लाना तुम।
मन मक्कम कर जोश जगाना,
ना अधीर बनना स्वीकार करो।।
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
जीवन में सुख-दुख आते रहते है,
इनको हँसकर जी लेना सीखो।
वक्त ग़र बुरा भी हो कट जाएगा,
हर एक जख्म़ का उपचार करो।।
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
जीवन में ग़र लगे मृत्यु से डर,
वह मंजिल पा सकता ही नहीं।
चलते रहो सदैव निरन्तर पथ पर,
"विजय"सूर्य पथ स्वीकार करो।।
धैर्य रख कठिन पथ पार करो।।
- विजय पुरोहित
रामगढ़-शेखावाटी, राजस्थान
No comments